26 दिसंबर 2019 - 16:30
ईरान, रूस और चीन के बीच बड़ा सैन्य अभ्यास, दूसरों के लिए क्या है संदेश?

ईरान की सशस्त्र सेना के वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान, रूस और चीन के त्रिपक्षीय नौसेना अभ्यास का लक्ष्य, हिन्द महासागर और ओमान महासागर में अंतर्राष्ट्रीय जहाज़रानी की सुरक्षा को स्थाई बनाना है।

तेहरान में एक बड़ी कांफ़्रेंस को संबोधित करते हुए ईरान की सशस्त्र सेना के वरिष्ठ प्रवक्ता ब्रिगेडियर अबुल फ़ज़्ल शिकारची ने बताया कि ईरान, रूस और चीन का संयुक्त नौसेना अभ्यास शुक्रवार को शुरु होगा और चार दिनों तक जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि हिन्द महासागर और ओमान महासागर का समुद्री क्षेत्र, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के हवाले से बहुत ही महत्वपूर्ण है और दुनिया के बहुत से देशों के जहाज़ यहां से आते और जाते हैं इसीलिए इस क्षेत्र की सुरक्षा बहुत ही अहम और महत्वपूर्ण है।  

ब्रिगेडियर अबुल फ़ज़्ल शिकारची ने स्पष्ट किया कि इस्लामी गणतंत्र ईरन ने अभी तक यह सिद्ध किया है किवह अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों और विशेषकर हिन्द महासागर और ओमान महासागर की सुरक्षा का निरंतर प्रयास कर रहा है।

उन्होंने यह बात बल देकर कही कि ईरान, रूस और चीन के संयुक्त नौसेना अभ्यास का लक्ष्य, इस रणनैतिक जलक्षेत्र की सुरक्षा को स्थाई बनाना तथा आतंकवादियों और सुमद्री लूटपाट की रोकथाम करना है।

ईरान की सशस्त्र सेना के वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा कि त्रिपक्षीय नौसेना अभ्यास का एक और लक्ष्य, ईरान, रूस और चीन के बीच अनुभवों का आदान प्रदान करना है।